2027 आत्मविश्वास से व्यवस्था की ओर बढ़ने का वर्ष है: बृहस्पति आधा वर्ष सिंह राशि में बिताता है और 26 जुलाई को कन्या राशि में प्रवेश करता है। शनि और नेपच्यून पूरे वर्ष मेष राशि में रहते हैं, इसलिए नई शुरुआतों के लिए धैर्य और परिपक्वता चाहिए। वर्ष का सबसे शक्तिशाली क्षण 2 अगस्त को सिंह राशि के 10° पर होने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण है।

हर राशि के लिए राशिफल 2027
अपनी सूर्य राशि चुनें। हर राशिफल में पूरे वर्ष का विवरण और जनवरी से दिसंबर तक हर महीने का अलग पूर्वानुमान है। यह राशिफल पश्चिमी (सायन) राशिचक्र पर आधारित है, इसलिए राशियों की तिथियाँ वैदिक ज्योतिष से अलग हैं।
राशिफल 2027 कैसे पढ़ें
इस राशिफल को कैसे पढ़ें: विवरण आपकी सूर्य राशि से जुड़े हैं। यह राशिफल पश्चिमी (सायन) राशिचक्र पर आधारित है, इसलिए राशियों की तिथियाँ वैदिक (निरयण) ज्योतिष से अलग होती हैं; अपनी सूर्य राशि जानने के लिए ऊपर दी गई तिथियाँ देखें। यदि आप अपना लग्न जानते हैं, तो उसका राशिफल भी पढ़ें; वह अक्सर और भी सटीक होता है। आपकी जन्म जानकारी पर आधारित पूर्ण, व्यक्तिगत गणना Premium रिपोर्ट में मिलती है। तिथियाँ मध्य यूरोपीय समय (CET/CEST) में दी गई हैं; भारतीय समय में आधी रात के आसपास की कोई घटना अगले दिन पड़ सकती है। ज्योतिष व्याख्यात्मक है और चिंतन के लिए है।
ज्योतिषीय कैलेंडर 2027
वर्ष की मुख्य तिथियाँ मध्य यूरोपीय समय (CET/CEST) में: ग्रहों का राशि परिवर्तन, वक्री ग्रह, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण। भारतीय समय में आधी रात के आसपास की कोई घटना अगले दिन पड़ सकती है।
| तिथि | घटना | स्थिति |
|---|---|---|
| 7 जनवरी | शुक्र धनु राशि में प्रवेश करता है; अमावस्या | 17° मकर |
| 10 जनवरी | मंगल वक्री होता है | 10° कन्या |
| 20 जनवरी | सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करता है | — |
| 22 जनवरी | पूर्णिमा | 2° सिंह |
| 3 फ़रवरी | शुक्र मकर राशि में प्रवेश करता है | — |
| 6 फ़रवरी | वलयाकार सूर्य ग्रहण | 18° कुंभ |
| 9 फ़रवरी | बुध वक्री होता है | 6° मीन |
| 18 फ़रवरी | सूर्य मीन राशि में प्रवेश करता है | — |
| 21 फ़रवरी | उपच्छाया चंद्र ग्रहण; मंगल फिर से सिंह राशि में लौटता है | 2° कन्या |
| 1 मार्च | शुक्र कुंभ राशि में प्रवेश करता है | — |
| 3 मार्च | बुध मार्गी होता है | 21° कुंभ |
| 8 मार्च | अमावस्या | 18° मीन |
| 20 मार्च | सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है (विषुव) | — |
| 22 मार्च | पूर्णिमा | 2° तुला |
| 26 मार्च | शुक्र मीन राशि में प्रवेश करता है | — |
| 1 अप्रैल | मंगल मार्गी होता है | 21° सिंह |
| 7 अप्रैल | अमावस्या | 17° मेष |
| 13 अप्रैल | बृहस्पति मार्गी होता है | 17° सिंह |
| 20 अप्रैल | सूर्य वृषभ राशि में प्रवेश करता है; शुक्र मेष राशि में प्रवेश करता है | — |
| 21 अप्रैल | पूर्णिमा | 1° वृश्चिक |
| 6 मई | अमावस्या | 16° वृषभ |
| 14 मई | मंगल कन्या राशि में प्रवेश करता है; शुक्र वृषभ राशि में प्रवेश करता है | — |
| 20 मई | पूर्णिमा | 29° वृश्चिक |
| 21 मई | सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करता है | — |
| 4 जून | अमावस्या | 14° मिथुन |
| 8 जून | शुक्र मिथुन राशि में प्रवेश करता है | — |
| 10 जून | बुध वक्री होता है | 6° कर्क |
| 19 जून | पूर्णिमा | 28° धनु |
| 21 जून | सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करता है (अयनांत) | — |
| 3 जुलाई | शुक्र कर्क राशि में प्रवेश करता है | — |
| 4 जुलाई | अमावस्या; बुध मार्गी होता है | 12° कर्क |
| 15 जुलाई | मंगल तुला राशि में प्रवेश करता है | — |
| 18 जुलाई | उपच्छाया चंद्र ग्रहण | 26° मकर |
| 23 जुलाई | सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करता है | — |
| 26 जुलाई | बृहस्पति कन्या राशि में प्रवेश करता है | — |
| 27 जुलाई | शुक्र सिंह राशि में प्रवेश करता है | — |
| 2 अगस्त | पूर्ण सूर्य ग्रहण | 10° सिंह |
| 9 अगस्त | शनि वक्री होता है | 28° मेष |
| 17 अगस्त | उपच्छाया चंद्र ग्रहण | 24° कुंभ |
| 20 अगस्त | शुक्र कन्या राशि में प्रवेश करता है | — |
| 23 अगस्त | सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करता है | — |
| 31 अगस्त | अमावस्या | 8° कन्या |
| 2 सितंबर | मंगल वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है | — |
| 14 सितंबर | शुक्र तुला राशि में प्रवेश करता है | — |
| 16 सितंबर | पूर्णिमा | 23° मीन |
| 23 सितंबर | सूर्य तुला राशि में प्रवेश करता है (विषुव) | — |
| 30 सितंबर | अमावस्या | 7° तुला |
| 7 अक्टूबर | बुध वक्री होता है | 5° वृश्चिक |
| 8 अक्टूबर | शुक्र वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है | — |
| 15 अक्टूबर | पूर्णिमा | 22° मेष |
| 16 अक्टूबर | मंगल धनु राशि में प्रवेश करता है | — |
| 23 अक्टूबर | सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है | — |
| 28 अक्टूबर | बुध मार्गी होता है | 19° तुला |
| 29 अक्टूबर | अमावस्या | 6° वृश्चिक |
| 1 नवंबर | शुक्र धनु राशि में प्रवेश करता है | — |
| 14 नवंबर | पूर्णिमा | 22° वृषभ |
| 22 नवंबर | सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है | — |
| 25 नवंबर | शुक्र और मंगल मकर राशि में प्रवेश करते हैं | — |
| 28 नवंबर | अमावस्या | 6° धनु |
| 13 दिसंबर | पूर्णिमा | 21° मिथुन |
| 19 दिसंबर | शुक्र कुंभ राशि में प्रवेश करता है | — |
| 22 दिसंबर | सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है (अयनांत) | — |
| 24 दिसंबर | शनि मार्गी होता है | 21° मेष |
| 27 दिसंबर | अमावस्या | 6° मकर |
पूरे वर्ष: मिथुन में यूरेनस (वक्री 15 सितंबर – 13 फ़रवरी 2028), मेष में नेपच्यून (वक्री 10 जुलाई – 15 दिसंबर), कुंभ में प्लूटो (वक्री 8 मई – 18 अक्टूबर)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2027 में बृहस्पति राशि कब बदलता है?
बृहस्पति 25 जुलाई 2027 तक सिंह राशि में रहता है, 26 जुलाई को कन्या राशि में प्रवेश करता है और वर्ष के अंत तक वहीं रहता है। सिंह में उसकी वक्री गति 13 अप्रैल को समाप्त होती है।
2027 में बुध वक्री कब है?
बुध तीन बार वक्री होता है: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक (मीन और कुंभ), 10 जून से 4 जुलाई तक (कर्क और मिथुन) और 7 से 28 अक्टूबर तक (वृश्चिक और तुला)।
2027 में ग्रहण कब हैं?
6 फ़रवरी को कुंभ में वलयाकार सूर्य ग्रहण, 21 फ़रवरी, 18 जुलाई और 17 अगस्त को उपच्छाया चंद्र ग्रहण, और 2 अगस्त को सिंह के 10° पर पूर्ण सूर्य ग्रहण।
क्या सूर्य राशि का राशिफल काफ़ी है?
यह वर्ष की सामान्य तस्वीर देता है। अपने लग्न का राशिफल भी पढ़ना उपयोगी है, और सटीक तस्वीर जन्म तिथि, समय और स्थान से बनी कुंडली से मिलती है। यह राशिफल पश्चिमी (सायन) राशिचक्र पर आधारित है, इसलिए राशियों की तिथियाँ वैदिक ज्योतिष से अलग हैं।
इस सामग्री को कैसे पढ़ें: ज्योतिष एक प्रतीकात्मक और व्याख्यात्मक प्रणाली है। यह पाठ चिंतन के लिए है और चिकित्सीय, मनोवैज्ञानिक, कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।